दैनिक अख़बार “द हिंदू” ने एक दावे का हवाला देते हुए चीनी सैनिकों के भारतीय क्षेत्र पैंगोंग-त्सो के फ़िंगर 2 और 3 में घुसपैठ का दावा किया था। पड़ताल में यह ख़बर फ़ेक पायी गयी। एडिस्नल जेनेरल आफ पब्लिक इंफ़ारमेशन ने भी इस बयान का खंडन किया हैं।PIB ने ट्वीट कर दी जानकारी।

एक मीडिया रिपोर्ट ने यह दावा किया है कि कुछ बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने बचत खातों में नकद जमा व नकद निकासी के लिए अपने चार्ज बढ़ाने का निर्णय किया हैI PIB की पड़ताल में यह दावा ग़लत पाया गया।उक्त बैंकों ने बचत खातों में नकद जमा व नकद निकासी के चार्ज बढ़ाने का कोई निर्णय नहीं लिया है।

एक मीडिया रिपोर्ट ने दावा किया है कि जनधन खातों से हर नकद निकासी पर 100 रूपए चार्ज किये जायेंगे। PIB की पड़ताल में यह दावा गलत पाया गया। जनधन खातों की मुफ्त बैंकिंग सेवाओं के लिए कोई चार्ज नहीं लिया जाता हैI इस सन्दर्भ में रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन किया जा रहा हैं।

एक मीडिया रिपोर्ट ने यह दावा किया है कि बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने बचत खातों में नकद जमा व नकद निकासी के लिए अपने चार्ज बढ़ा दिए हैं I पीआईबी की पड़ताल में यह दावा गलत पाया गया।बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने सूचित किया है कि बचत खातों में नकद जमा व नकद निकासी के चार्ज बढ़ाये नहीं गए हैं I

सोशल मीडिया वायरल वीडियो में दिखाया गया है कि फ्रांसीसी पुलिस ने युक्सेकोवा की सड़कों पर नमाज पढ़ रहे मुसलमानों पर हमला किया। पड़ताल में वीडियो फ़्रांस का नहीं बल्कि तुर्की का निकला। वीडीयो में दिख रही घटना अक्टूबर 2012 में तुर्की के युक्सेकोवा में हुई थी।

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सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर में यह दावा हैं की गुजरात में पप्पू शुक्ला की मौत के बाद उनके प्यारे कुत्तों ने उनके शरीर के पास सुरक्षा घेरा बनाया हुआ हैं। पड़ताल में तस्वीर यमन के एक व्यक्ति इस्माईल हादी के शव की पाई गयी। जो बेघर था और सड़क पर रहने वाले कुत्तों को खिलाता था। पड़ताल में दावा फ़र्ज़ी पाया गया।

सोशल मीडिया में वायरल एक वीडीयो में यह दावा किया जा रहा हैं की मदरसे भारत में अश्लीलता का अड्डा बन चुके हैं। पड़ताल में वीडीयो बांग्लादेश में बनी एक शॉर्ट फ़िल्म का मिला जो 21 सितंबर 2020 को अपलोड की गयी थी।इससे पहले भी पाकिस्तान और बांग्लादेश में हुई कुछ पुरानी घटनाओं के वीडियोज़ शेयर करते हुए भारत के मदरसों को निशाना बनाया जा चुका हैं।

सोशल मीडिया पर एक यूट्यूब वीडीयो के मुताबिक़ सीबीएसई ने अपने 2021 एगजाम से पहले सालाना सिलेबस में 50% की कटौती की हैं। सीबीएसई ने इस साल जुलाई में सिलेबस में 30 प्रतिशत की कमी की थी और 20 प्रतिशत की और कमी की योजना बना रही है।लेकिन इस वीडीयो के वायरल होने तक इसे अंतिम रूप नही दिया गया था। पड़ताल में दावा भ्रामक पाया गया।

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अख़बार दैनिक भास्कर की ख़बर के मुताबिक़ अब सभी खाद्य व्यवसाय ऑपरेटरों को FSSAI इंडिया से लाइसेंस प्राप्त करने होंगे। PIB ने ट्वीट कर ख़ारिज किया दावा। PIB ने दावे को बताया तथ्यात्मक रूप से ग़लत।कहाँ प्रतिवर्ष 20 करोड़ रुपए से अधिक टर्नओवर वाले व्यवसायों को ही FSSAI से लाइसेंस लेना अनिवार्य है।

वहट्सप्प पर वायरल एक मैसेज के अनुसार सरकार सभी छात्रों को मुफ़्त में टैबलेट बाट रही हैं। पीआईबी का कहना है कि यह उपद्रवियों का कार्य है और नागरिकों को इस तरह की धोखाधड़ी वाली वेबसाइटों से जुड़ने से बचना चाहिए।PIB ने पड़ताल में यह दावा झूठा बताया हैं।

इंडिया टीवी के एडिटर इन चीफ़ रजत शर्मा ने बुधवार 28 अक्टूबर को अपने कार्यक्रम “आज की बात” में बताया कि पाकिस्तान की संसद में ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगाए गये हैं। जिसके बाद से वह वीडीयो देश के कई नामी गिरामी लोगों ने भी शेयर किया गया।पड़ताल में दावा ग़लत निकला। पाकिस्तान की संसद में ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगे नही बल्कि ‘वोटिंग-वोटिंग’ के नारे थे।

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यूट्यूब पर एक वीडीयो में यह दावा किया गया हैं कि आयुष्मान भारत की वेबसाइट पर ‘आयुष्मान मित्र भर्ती 2020’ की घोषणा की गई है।

PIB की पड़ताल में यह दावा फ़र्ज़ी पाया गया।आयुष्मान भारत की वेबसाइट पर ऐसी कोई घोषणा नहीं हुई है। PIB ने ट्वीट कर दी जानकारी।

फ़ाइटर प्लेन की एक तस्वीर ट्विटर पर शेयर करते हुए लोग दावा कर रहे हैं कि इंडियन एयर फ़ोर्स (IAF) पाकिस्तान के दावों का मज़ाक उड़ा रही है कि 2019 बालाकोट एयरस्ट्राइक में सिर्फ़ 4 पेड़ जले और एक कौआ मारा गया था।पड़ताल में यह तस्वीर फ़ेक व एडिटेड निकली।इसे पहले पाकिस्तानी लोगों ने भी भारत को ट्रोल करने के लिए प्रयोग किया था।
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सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर के मुताबिक़ केरल के कालेज में जीन्स बैन होने पर लड़कियाँ ने लूँगी पहन कोलेज आना शुरू किया हैं।कई लोगों ने इसपे प्रतिक्रिया देते हुए कहा की लड़कियों को अनुशासित रहना चाहिए।

पड़ताल में तस्वीर अगस्त 2015 की मिली जब अभिनेता महेश बाबू की फिल्म श्रीमंथुडु रिलीज हुई थी तो उनकी फैन लड़कियां ठीक उसी तरह से लुंगी पहनकर कॉलेज आती थीं।पड़ताल में हालिया दावा फ़र्ज़ी पाया गया।
Fakeमत – Fakeमत – Page Array – नवभारत टाइम्स

सोशल मीडिया पर वायरल पोस्टर के अनुसार ITBP (इंडो-तिबतन बार्डर पुलिस) ने विज्ञापन जारी कर दिवाली पर चीन का समान ना ख़रीदने की अपील की है।

PIB की पड़ताल में यह दावा फ़र्ज़ी पाया गया।ITBP ने ऐसा कोई विज्ञापन जारी नही किया हैं। पीआईबी ने ट्वीट कर दी जानकारी।

फ़ेसबुक और ट्विटर पर भारी संख्या में इकट्ठा हुई भीड़ की कुछ तस्वीरें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हाल में बिहार में हुई रैली की बताकर वायरल हैं. ये तस्वीरें एक कॉमन मेसेज के साथ शेयर की जा रही हैं – “10 दिन से तेजस्वी की रैली देख कर “लहर-लहर” चिल्लाने बाले आज मोदी जी की रैली देख कर “शोसल डिस्टैसिंग” का रोना रो रहा है,,,” फ़ेसबुक यूज़र अनामिका मिश्रा ने ये तस्वीरें हाल की रैली की बताकर पोस्ट की. (पोस्ट का आर्काइव लिंक)

10 दिन से तेजस्वी की रैली देख कर “लहर-लहर” चिल्लाने बाले आज मोदी जी की रैली देख कर “शोसल डिस्टैसिंग” का रोना रो रहा है,,,😂
#बिहार

Posted by अनामिका मिश्रा on Friday, 23 October 2020

फ़ेसबुक पेज ‘संजय मिश्रा बीजेपी’ ने ये तस्वीरें इसी दावे के साथ पोस्ट की हैं. (पोस्ट का आर्काइव लिंक)

10 दिन से तेजस्वी की रैली देख कर “लहर-लहर” चिल्लाने बाले आज मोदी जी की रैली देख कर “शोसल डिस्टैसिंग” का रोना रो रहा है।🤣
#बिहार

Posted by Sanjay Mishra BJP on Friday, 23 October 2020

ट्विटर हैन्डल ‘@Nationfirst0012’ ने वायरल तस्वीर ट्वीट की है.

बता दें कि बिहार विधानसभा चुनावों के चलते प्रधानमंत्री मोदी बिहार में कुल 12 रैलियां संबोधित करेंगें. पहले चरण का मतदान 28 अक्टूबर से शुरू होगा. इन चुनावों के मद्देनज़र सभी राजनितिक दल ज़ोरों शोरों से चुनाव प्रचार करने में व्यस्त हैं. 23 अक्टूबर 2020 को प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार के सासाराम में अपनी पहली रैली संबोधित की थी. सासाराम में हुई ये रैली इसलिए भी चर्चा का कारण बनी हुई है क्योंकि इसमें सोशल डिस्टेंसिंग के उल्लंघन की बात सामने आई है.

फ़ैक्ट-चेक

तीनों तस्वीरों को अगर ध्यान से देखें तो ये मालूम चलता है कि ये तीनों तस्वीरें एक ही जैसी हैं. इसके अलावा, वायरल हो रही तस्वीरों में एक भी व्यक्ति मास्क पहना हुआ नहीं दिख रहा है. गूगल रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें ये वायरल तस्वीर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वेबसाइट पर 3 मार्च 2019 को शेयर की हुई मिली. वेबसाइट के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने पटना के गांधी मैदान में NDA की रैली को संबोधित किया था. ये तस्वीरें उसी रैली की हैं जिसे आप नीचे देख सकते हैं.

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देश में साल 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों के मद्देनज़र प्रधानमंत्री मोदी ने देश के अलग-अलग हिस्सों में रैलियां और चुनाव प्रचार के कार्यक्रम किये थे. इस चुनाव प्रचार के वक़्त प्रधानमंत्री मोदी ने 3 मार्च 2019 को बिहार की राजधानी पटना के गांधी मैदान में एक संकल्प रैली को संबोधित किया था.

बता दें कि 23 अक्टूबर 2020 को बिहार के सासाराम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस रैली को संबोधित किया था, उस रैली की जगह और वायरल तस्वीरों में दिखने वाली जगह में काफ़ी अंतर है. सासाराम में हुई रैली की जगह पर छत लगी हुई है. ये आप खुद 23 अक्टूबर की आज तक की वीडियो रिपोर्ट में देख सकते हैं.

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तो इस तरह, ये साफ़ तौर पर कहा जा सकता है कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान सासाराम में आयोजित हुई रैली की बताकर जो तस्वीरें शेयर की गयीं वो असल में पिछले साल यानी 2019 की हैं.

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सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर में यह दावा किया गया हैं की वह 23 अक्टूबर को साशाराम में हुई रैली की हैं।साथ ही लोग तेजस्वी यादव की रैली में उमड़ी भीड़ पर भी “लहर-लहर चिल्लाने वाले कहा हैं का” तंज कस रहे हैं। पड़ताल में तस्वीर मार्च 2019 में हुई पटना रैली की निकली। ये भाषण PM ने 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान दिया था।

बूम: फ़ेक और वायरल न्यूज़ की फैक्ट चेकिंग, ऑनलाइन न्यूज़ अपडेट

सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में नदी में तैर रहे लंबे अजगर को देखा जा सकता है। दावा हैं कि घटना हैदराबाद की मूसा नदी की है। गौर से देखने पर पता चलता है वीडीयो एडिटेड हैं। पड़ताल में वीडीयो आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले के विजयवाड़ा का पाया गया।

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सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर करते हुए दावा किया गया हैं कि पंजाब में रामलीला के दौरान हमला किया गया।तस्वीर में फ़र्श पर सामान बिखरा हुआ दिख रहा है। पड़ताल में वीडीयो 2 साल पहले का ऑस्ट्रेलिया के हिन्दू मंदिर में हुए हमले का हैं।वायरल दावा, पड़ताल में फ़र्ज़ी साबित हुआ।

वायरल वीडीयो में यह दावा किया गया हैं कि यें फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन के हालिया इस्लाम धर्म पर दी प्रतिक्रिया के बाद हो रहें प्रदर्शन का हैं। पड़ताल में यह वीडीयो जनवरी 2020 में जर्मनी के हैम्बर्ग में हुए उइगर मुस्लिम समुदाय द्वारा किए गये प्रदर्शन का है।जो चीन द्वारा उइगर मुस्लिम अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न के खिलाफ था।

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